कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ के तीसरे दिन गर्जे दिग्गज, अंकिता भंडारी न्याय और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रदेशभर में प्रदर्शन

देहरादून, पहाड़ी न्यूज रूम। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस की ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ के तीसरे दिन पार्टी दिग्गजों ने चार अलग-अलग दलों में प्रदेशभर में मोर्चा संभाला। अंकिता भंडारी हत्याकांड, पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर हरीश रावत, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत जैसे प्रमुख नेताओं ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। वहीं दूसरी ओर, रामनगर में अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया। न्याय यात्रा के पहले दल ने कुमाऊं क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में धुआंधार प्रचार किया।
यह दल गदरपुर, बाजपुर और काशीपुर से गुजरते हुए जसपुर पहुंचा, जहां भारी जनसैलाब उमड़ा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेताओं का जोरदार स्वागत किया। यात्रा के दूसरे दल ने गढ़वाल में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विक्रम सिंह नेगी और लखपत सिंह बुटोला के नेतृत्व में रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, पौड़ी, सतपुली और दुगड्डा होते हुए कोटद्वार तक सभाएं कीं। गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड की बेटी के लिए न्याय, वीआईपी के नाम के खुलासे और गरीब मां-बाप की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या यही वह सपनों का उत्तराखंड है, जिसके लिए प्राण न्यौछावर किए गए थे? तीसरा दल जौनसार-बाबर के चकराता क्षेत्र के त्यूनी पहुंचा, जहां वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व में विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ।
प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष दबाव और ब्लैकमेल की राजनीति कर रहा है और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी साजिश से डरने वाले नहीं हैं, क्योंकि यह लड़ाई बेटियों की सुरक्षा और गरीबों के हक के लिए है। चौथा दल हरक सिंह रावत के नेतृत्व में हरिद्वार के खानपुर, मंगलौर और झबरेड़ा से गुजरा। खानपुर में हरक सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में सरकारी विभागों का निजीकरण हो रहा है और साढ़े नौ वर्षों में दस पेपर लीक होने से युवाओं का मनोबल टूट चुका है। उन्होंने अंकिता के परिजनों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कांग्रेस के हर कदम पर साथ रहने की बात कही। इस दौरान उदय सिंह पुंडीर और सचिन गुप्ता ने आगामी चुनावों में भाजपा की पूर्ण विदाई का दावा किया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर रामनगर में भारी आक्रोश देखा गया। महिला एकता मंच और सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने सेमलखलिया चौराहे व एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वायरल ऑडियो के आधार पर कथित वीआईपी और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम की बर्खास्तगी, पूरे मामले की सीबीआई जांच और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के फोन डेटा की रिकवरी की मांग की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक को साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोपों में जांच के दायरे में लाने की पुरजोर मांग उठाई गई।



